मुरैना के 14 पशुधन केंद्र से 180 गांवों के हजारों पशुपालक लाभान्वित होंगे

मुरैना के 14 पशुधन केंद्र से 180 गांवों के हजारों पशुपालक लाभान्वित होंगे

तोमर बोले-खेती के साथ-साथ पशुधन विकास की अत्यंत आवश्यकता 

गांवों की बढग़ी आय, प्रदेश में पशु नस्ल सुधार को प्रोत्साहन मिलेगा 

अवधेश डंडोतिया
मुरैना। खेती के साथ-साथ पशुधन विकास की अत्यंत जरूरत है। जिले में 14 पशुधन विकास केंद्र प्रारंभ शुरू किए हैं, जिससे 180 गांवों के हजारों पशुपालक लाभान्वित होंगे। पशुओं की नई नस्लों का विकास होगा। पशुपालन विकसित होता तो गांव की आर्थिक दशा भी सुदृढ़ होगी और प्रदेश में पशु नस्ल सुधार को प्रोत्साहन मिलेगा। यह बात केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने हाल ही में बानमोर में एकीकृत पशुधन विकास केंद्रों के उद्घाटन समारोह के दौरान कही। नाबार्ड और जेके ट्रस्ट द्वारा 9 करोड़ की लागत से 14 पशुधन विकास केंद्र खोले गए हैं। तोमर ने कहा कि डीएपी खाद 1200 रुपए का मिलता है, जबकि सरकार 1600 रुपए की सब्सिडी देती है। इसलिए हमें कंपोस्ट खाद तैयार करनी होगी। गांव में पशुपालन करेंगे तो हमें विकास की नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमें जैविक खेती को बढ़ावा देना है। गोबर और गौमूत्र से हम जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ा सकते है। पहले हम गांव में गाय, भैंस, बेल, बकरी सभी का पालन करते थे और बकरी का दूध बच्चा पैदा होने पर दिया जाता था। जिससे उसे कभी डेंगू नहीं होता था न उसकी प्लेटें कम होती थीं। आज भी हमारे चिकित्सक डेंगू की प्लेटों के लिए बकरी का दूध बताते हैं। हमें एक बार फिर उसी दौर में आना होगा।

गिर गाय ब्राजील की अर्थव्यवस्था की रीढ़ 
श्योपुर जिले के गोरस का भी जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि गोरस क्षेत्र में काफी संख्या में गिर नस्ल की गाय हैं। लोग वहां जाकर के सर्वे करें और देखें की सबसे अच्छी गाय की वहां एक नस्ल नई विकसित की जा सकती है। गुजरात में गिर गाय होती हैं अब वहां से ब्राजील चली गई और ब्राजील में सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का साधन बन गई है। हमें भी उसकी नस्ल को तैयार करना है तो हम गोरस में एक प्रयास कर ही सकते हैं और पूरे देश में गिर गाय की नस्ल हम चला सकते हैं।

पशुधन का विकास होगा
नाबार्ड अध्यक्ष डॉ. जीआर चिंतला ने नस्ल सुधार में कमी, पशुओं के लिए चारे का प्रबंधन, दुग्ध मार्केटिंग एवं प्रसंस्करण में कमी और आय में बढ़ोतरी पर कार्य करने की जरूरत बताई। जिले के प्रभारी मंत्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि इस योजना से स्व-सहायता समूह के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं का विकास और कृषि क्षेत्र में पशुधन का विकास होगा। जेके ट्रस्ट के सीईओ राम भटनागर ने कहा कि पूरे राज्य में किसानों की आय बढ़ाने में हमारा ट्रस्ट मदद करेगा। हम सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में सहयोगी बनेंगे।

समूह बनाकर बढ़ाई आय 
केंद्रीय मंत्री ने पीएमएफबीवाई के बारे में बताते हुए कहा कि लाखों किसान इससे लाभान्वित हुए हैं। सरकार कृषक समूह बनाकर किसानों को सीधे बाजार से जोड़ रही है। किसान और बाजार के बीच से बिचौलियों-आड़तियों की भूमिका खत्म कर रहे हैं, जिससे किसानों को अनाज का ज्यादा दाम मिले। पिछले पांच सालों में सरकार ने एमएसपी पर खरीद दोगुनी कर दी है। सरकार मोटा अनाज उगाने एवं खरीदने पर जोर दे रही है। फूलों, फलों की खेती को भी आगे बढ़ाने में सरकार पूरा प्रयास कर रही हैं।