बारिश से उजड़ी 27 हजार हेक्टेयर में खड़ी धान-सरसों की फसल

अगस्त के महीने में बाढ़ और अतिवृष्टि से बर्बादी का दंश झेल चुके जिले के किसानों पर बारिश एक बार फिर कहर बनकर टूटी है। रविवार की रात हुई बारिश से जिले में 27 हजार हेक्टेयर रकबे में खड़ी धान और सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। हाल ही में बोई गई सरसों की फसल तो बारिश का पानी खेतों में भरने से पूरी तरह गलकर बर्बाद हो गई। जिसकी बोवनी किसानों को दोबारा से करनी पड़ेगी या फिर दूसरी कोई फसल की बोवनी करनी होगी। नुकसान का यह अनुमान कृषि विभाग के फसल नुकसान के प्रारंभिक सर्वे में आया है। फसल नुकसान का यह आंकडा घट-बढ़ भी सकता है। क्योंकि कृषि विभाग और राजस्व विभाग का मैदान अमला अभी खेतो में पहुंचकर फसल नुकसान का सर्वे कर रहा है।
खेमराज मौर्य
शिवपुरी, श्योपुर। दो माह के भीतर किसानों पर मौसम की यह दूसरी मार पड़ी है। जिस कारण जिले का किसान सदमे में पहुंच गए हैं। यहां बता दें कि जिले में रविवार की रात को हुई तेज बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान खेतों में खड़ी धान और सरसों की फसल को हुआ है।
कृषि विभाग के सूत्रों की माने तो जिले में 45 हजार हेक्टेयर में धान की फसल खड़ी है। जबकि 30 हजार हेक्टेयर में सरसों की बोवनी हो चुकी है। बारिश से करीब 12 हजार हेक्टेयर में खड़ी सरसों की फसल प्रभावित हुई है। ज्यादातर किसानों की सरसों की फसल की बीज खेतों में ही पानी भरने से गल गया है। इसलिए किसानों को सरसों की फसल की दोबारा से बोवनी करनी पड़ेगी। जबकि 15 हजार हेक्टेयर में खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। जिससे धान की फसल का उत्पादन 25 से 30 फीसदी कम होने का अंदेशा है।
सर्वे में जुटा मैदानी अमला
कृषि विभाग के प्रारंभिक सर्वे में अभी 27 हजार हेक्टेयर में खड़ी फसल के प्रभावित होने का अनुमान है। लेकिन फसल नुकसान का यह आंकड़ा अभी और भी बढ़ सकता है। कारण यह है कि कृषि विभाग का मैदानी अमला अभी राजस्व अमले के साथ खेतो में पहुंचकर बारिश से फसलों को पहुंचे नुकसान का सर्वे कर रहा है। इसकी फाइनल रिपोर्ट आने के बाद भी फसल नुकसान का सही पता चलेगा और प्रशासन भी तभी पीडि़त किसानों को मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई करेगा।
154.9- एमएम रिकॉर्ड बारिश
1449- एमएम बारिश औसतन
312- एमएम कराहल में
अक्टूबर में पहली बार बारिश का कहर, 10 घंटे में बरसा 154.9 एमएम रिकॉर्ड पानी
बीते रविवार की रात जिले में 10 घंटे के भीतर 154.9 एमएम रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश कराहल तहसील में 312 एमएम हुई। जिसे मिलाकर अब तक श्योपुर जिले में कुल औसत 1494 एमएम बारिश हो चुकी है, जो श्योपुर के लिए नया रिकॉर्ड बन गया है,क्योंकि इतनी बारिश अभी तक श्योपुर जिले में कभी नहीं हुई, जबकि दूसरा रिकॉर्ड यह भी बन गया है कि अक्टूबर में पहली बार जिले में इतनी बारिश गिरी है। यूं तो मानसून की विदाई हो चुकी है। इसके बाद भी बीते रविवार की रात को पूरे जिले में 154.9 एमएम बारिश हुई है। बताया गया है कि कराहल तहसील में 312 एमएम बारिश हुई है। जबकि श्योपुर तहसील में 137.6, विजयपुर में 86, बड़ौदा में 156 तथा वीरपुर तहसील में 83 एमएम बारिश हुई है।
बारिश से प्रभावित हुई फसलें फसल बोवनी प्रभावित रकवा
धान 45 हजार 15 हजार सरसों 30 हजार 12 हजार
नोट-रकवा हेक्टेयर में है।
बारिश से धान और सरसों को सर्वाधिक नुकसान पहुंचा है। नुकसान का आंकलन करने के लिए हमारी टीमें राजस्व अमले के साथ खेतों में पहुंचकर सर्वे कर रही है। सर्वे रिपोर्ट आने पर ही नुकसान का सही पता चलेगा।
पी गुजरे, उप संचालक, कृषि विभाग श्योपुर