प्रदेश के 55,903 गांवों में शुरू होगी 'मेरा गांव-मेरा तीर्थ योजना'

ग्रामीणों की शिकायत पर सचिव को निलंबित कर दिया
हरदा। कृषि मंत्री कमल पटेल ने रविवार को हरदा जिले के बारंगा से मेरा गांव-मेरा तीर्थ योजना शुरू की। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर कृषि मंत्री कमल पटेल द्वारा 'मेरा गांव मेरा तीर्थ' अभियान की शुरुआत की गई। इस योजना के अंतर्गत पेंशन, जाति प्रमाण पत्र, विकलांग प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, बीपीएल कार्ड, नामांतरण बंटवारा सहित 26 प्रकार की सेवाओं को जोड़ा गया हैं। इस योजना को मध्य प्रदेश के 52 जिलों के 55,903 गांवों में जल्द ही लागू की जाएगी। इस दौरान ग्रामीणों की शिकायत पर मंत्री पटेल ने सख्त रवैया अपनाते हुए लापरवाही बरतने वाले सचिव को निलंबित करने के निर्देश दिए। मंत्री के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ ने सचिव सुरेश राजपूत को निलंबित कर दिया हैं।
दो बच्चों को पांच हजार रुपये प्रतिमाह देने के लिए प्रमाण पत्र दिया
इस मौके पर कृषि मंत्री कमल पटेल ने मुख्यमंत्री बाल कल्याण योजना के तहत प्रखंड गांव में रहने वाले दो बच्चों को पांच हजार रुपये प्रतिमाह देने के लिए प्रमाण पत्र दिया। सिर्फ इतना ही नहीं शासन द्वारा इन बच्चों की पढ़ाई का खर्चा उठाया जाएगा। बता दें कि, उक्त बच्चों के माता-पिता की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई थी। इस योजना के अंतर्गत छह बच्चे पात्र मिले हैं।
दो हितग्राहियों को वृद्धा पेंशन
'मेरा गांव मेरा तीर्थ' अभियान का शुभारंभ मंत्री पटेल ने संभाग योजना के अंतर्गत दो हितग्राहियों को वृद्धा पेंशन और नारी सुरक्षा पेंशन के तहत दो हितग्राहियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। इस दौरान पटेल ने कहा कि खिरकिया विकासखंड में जिन आठ हितग्राहियों का नाम काटा गया हैं, उन सभी का नाम जोड़ा जाए।
अनिवार्य रूप से मास्क लगाने का आग्रह
इस अवसर पर मंत्री कमल पटेल ने सभी से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और अनिवार्य रूप से मास्क लगाने का आग्रह किया। इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष अमर सिंह, जिला पंचायत सीईओ राम कुमार शर्मा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहें।
ग्रामीणों को मेरा गांव-मेरा तीर्थ बनाने की दिलाई गई शपथ
गौरतलब है कि रविवार को कृषि मंत्री पटेल बारंगा गांव पहुंचे और उन्होंने गांववालों को मेरा गांव-मेरा तीर्थ बनाने की शपथ दिलाई। ग्रामीणों के साथ मंत्री पटेल ने गांव को नशा मुक्त बनाने, सामाजिक समरसता के साथ गौवंश आधारित खेती करने और गौपालन करने की शपथ दिलाई। उन्होंने ग्रामीणों के साथ बारंगा गांव को आदर्श गांव बनाने के साथ ही मेरा गांव ही मेरा तीर्थ होगा इसका संकल्प उन्होंने ग्रामीणों के साथ लिया।