खाद्यान्न पर्ची के लिए कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन: खाद्य मंत्री

खाद्यान्न पर्ची के लिए कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन: खाद्य मंत्री

भोपाल : खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एव उपभोक्ता संरक्षण मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने राशन वितरण एवं उपार्जन की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए बताया कि पात्रता पर्ची के लिए नियमों को और अधिक व्यवहारिक बनाया गया है। खाद्यान्न वितरण के तहत पात्रता पर्ची के लिए अपना नाम जोड़ने के लिए हितग्राही अपना आवेदन घर बैठकर ऑन लाइन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि इस योजना में अभी तक 28 पात्र श्रेणी के एक करोड़ 17 लाख परिवारों के 4 करोड़ 97 लाख पात्र हितग्राही लाभा ले रहे हैं। मंत्री श्री सिंह ने आज मंत्रालय में राशन वितरण एवं उपार्जन की समीक्षा के दौरान यह बात कही। बैठक में सहकारिता मंत्री श्री अरविन्द भदौरिया, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भारत सिंह कुशवाह एवं संचालक खाद्य दीपक सक्सेना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

स्थानीय निकाय द्वारा जाँच उपरांत सत्यापन किया जाएगा

मंत्री श्री सिंह ने कहा कि जनपद कार्यालयों से आवेदन के सत्यापन की व्यवस्था समाप्त करते हुए स्थानीय निकाय द्वारा जाँच उपरांत सत्यापन किया जाएगा। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर के बाद ई-मेल अथवा मोबाइल पर व्हाटसअप के माध्यम से पात्रता पर्ची प्रदाय की जायेगी। साथ ही की जा रही कार्रवाई से हितग्राही को एसएमएस के माध्यम से जानकारी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम योजना
खाद्य मंत्री श्री बिसाहूलाल सिंह ने बताया मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम योजना में 20 जिलों के 89 विकासखंड के 6876 आश्रित ग्रामों के 8 लाख 57 हजार परिवार को राशन वितरित किया गया। इस योजना के तहत 19 हजार 650 मीट्रिक टन खाद्यान्न स्थानीय जनजातीय वर्ग के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराते हुए वितरित किए गए।

उचित मूल्य दुकान से मिलेगा फोर्टिफाइड आटा
प्रदेश सरकार उचित मूल्य दुकान से गेंहूँ के स्थान पर फोर्टिफाइड आटे का वितरण करेगी। इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया जाएगा। वर्तमान में हिमाचल प्रदेश, केरल और पश्चिम बंगाल में पीडीएस के तहत आटे का वितरण किया जा रहा है। गेहूँ से आटा बनाने में 552 करोड़ रूपये का अतिरिक्त वार्षिक व्यय आएगा। पायलट प्रोजेक्ट के परिणाम स्वरूप इस योजना को आगे निरंतर किया जा सकेगा। इन दुकानों से अभी फोर्टिफाइड चावल एवं नमक का वितरण किया जा रहा है।