हरित हाइड्रोजन से यूरिया, डीएपी उत्पादन में आत्मानिर्भर होगा भारत

हरित हाइड्रोजन से यूरिया, डीएपी उत्पादन में आत्मानिर्भर होगा भारत

दिल्ली। केंद्रीय उर्वरक मंत्री मनसुख मंडाविया ने ‘ग्रीन हाइड्रोजन’ का उपयोग करके ‘यूरिया’ और ‘डीएपी’ उत्पादन में आत्मानिर्भर भारत बनाने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान मंत्री ने उर्वरक विभाग के अधिकारियों से भारत के सतत कृषि और हरित भविष्य के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।

पीएम मोदी ने 2021 के अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन के शुभारंभ की घोषणा की और भारत को ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन और निर्यात के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाने का लक्ष्य बताया। मिशन द्वारा अन्य बातों के साथ-साथ पेट्रोलियम शोधन और उर्वरक उत्पादन जैसे क्षेत्रों में हरित हाइड्रोजन की मांग पैदा करने के लिए एक रूपरेखा बनाई गई है जिसमें  महत्वपूर्ण तकनीक  का  स्वदेशी निर्माण; अनुसंधान एवं विकास गतिविधियां; और एक सक्षम नीति और नियामक ढांचा तैयार किया जायेगा । प्रस्तावित कदमों से ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के लिए अतिरिक्त नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का विकास होगा।