न खाऊंगा, न खाने दूंगा, घटिया काम हुआ तो उल्टा लटका दूंगा: कमल पटेल 

न खाऊंगा, न खाने दूंगा, घटिया काम हुआ तो उल्टा लटका दूंगा: कमल पटेल 

मंडी में खुलेगी अटल किसान क्लीनिक 

कृषि मंत्री कमल पटेल ने अधिकारियों को चेताया-डीपीआर के अनुसार होना चाहिए काम

भोपाल, सीएम शिवराज सिंह चौहान सबसे बड़े किसान हितैषी मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने पुन: मुख्यमंत्री बनते ही विकास के द्वार खोल दिए हैं। प्रतिदिन विकास के नए काम प्रारंभ किए जा रहे हैं। यह बात कृषि मंत्री कमल पटेल ने भोपाल के साकेत नगर में 10 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले नए किसान विश्राम-गृह-सह-प्रशिक्षण केंद्र के भूमि-पूजन समारोह के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि अगर किसान विश्राम-गृह-सह-प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण घटिया हुआ तो अधिकारियों को उल्टा टांग दूंगा और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराऊंगा। किसी को छोड़ूंगा नहीं। किसानों के लिए यह विश्राम गृह एम्स के पास बनाया जा रहा है। इसका इस्तेमाल ट्रेनिंग के लिए भी किया जाएगा। साथ ही जो भी किसान एम्स में इलाज के लिए आएंगे उनके रुकने की व्यवस्था भी इसी में की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को हम किसान सम्मान कार्ड दे रहे हैं। हम मंडी में अटल किसान क्लीनिक खोल रहे हैं।

न खाऊंगा, न खाने दूंगा

मंत्री ने कहा कि यह देखने में आया है कि प्राइवेट बिल्डिंग तो अच्छी बनती हैं और कम लागत में बन जाती हैं। जबकि सरकारी बिल्डिंग ज्यादा लागत के बावजूद और घटिया बनती हैं। हम साफ कहते हैं कि हम न खाएंगे और न ही किसी को खाने देंगे। यह मोदी जी का नारा है। मैंने कह दिया है जो डीपीआर है उसके अनुसार काम होना चाहिए। 

कुछ खास

-31,000 वर्ग फीट में बनेगा कृषक विश्राम-गृह
-8.84 करोड़ रुपए होगी भवन निर्माण की लागत
-03 मंजिला का भू-तल के अतिरिक्त रहेगा भवन
-02 करोड़ का प्रावधान फर्नीचर के लिए किया
-18 महीने में तैयार किया जाएगा यह भवन
-50 कृषकों के ठहरने की व्यवस्था रहेगी

गांव-शहर में खत्म हो रहा भेद

हमारी सरकार महात्मा गांधी के स्वप्न को साकार कर रही है। गांधी जी ने कहा था कि किसान इस देश की आत्मा और मूल रीढ़ हैं। किसान का विकास होगा, तो देश का विकास होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों एवं गांवों का इतना विकास हो रहा है कि धीरे-धीरे गांव और शहर का भेद खत्म हो रहा है।