रोजगार दिलाने मनरेगा के तालाबों में भी होगा मछली पालन, योजना पर काम कर रही सरकार

रोजगार दिलाने मनरेगा के तालाबों में भी होगा मछली पालन, योजना पर काम कर रही सरकार

खदानों के तालाब भी बन रहे रोजगार व आय के साधन

भोपाल। अब प्रदेश में मनरेगा के तहत निर्मित तालाबों में भी मछली पालन होगा। कोरोना संक्रमण के कारण बेरोजगार हुए लोगों को रोजगार दिलाने के लिए सरकार इस योजना पर काम कर रही है। मत्स्य विभाग ने जिलों से उपयोगी तालाबों की जानकारी मांगी है। संभावना जताई जा रही है की मानसून के बाद मनरेगा तालाबों में मछली पालन शुरू कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के कारण प्रदेश में लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं। बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। गत दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा की है कि एक माह में एक लाख लोगों को रोजगार दिया जाएगा। अब सभी विभाग इसकी तैयारी में जुट गए हैं।

तालाबों में भी उत्पादन की योजना

जिलों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए अब मत्स्य विभाग मनरेगा योजना से तैयार हो रही ग्रामीण अंचल की तालाबों में भी उत्पादन की योजना तैयार कर रहा है। इनमें ऐसे तालाबों को चिह्नित किया जाएगा जिनकी जलभराव क्षमता अच्छी हो और गर्मी के दिनों में भी इनमें पर्याप्त पानी उपलब्ध हो। अगर ऐसा हुआ तो प्रदेश में हजारों की तादाद में ग्रामीण अंचलों में तैयार किए जा रहे या हो चुके तालाब स्थानीय ग्रामीणों के लिए जल स्रोत, जल संरक्षण के साथ साथ रोजगार व आय के साधन बन जाएंगे। साथ ही मत्स्य पालन के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। तालाबों की संख्या अधिक होने पर स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक किसान भी इस रोजगार से जुड़ सकेंगेे।

विभाग जुटा रहा जानकारी

अब मत्स्य विभाग ग्रामीण अंचलों में मनरेगा योजना के तहत बन रहे तालाबों को भी मत्स्य पालन के उपयोग में लाने की तैयारी में जुटा हुआ है। कोरोना काल में वर्ष 2020-21 में मनरेगा योजना के तहत ग्रामीण अंचलों में स्थानीय मजदूरों को अधिक से अधिक कार्य उपलब्ध कराते हुए रोजगार उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें जिला पंचायतों द्वारा ग्रामीण अंचलों में पानी की समस्या को दूर करने और जलसंरक्षण को लेकर तालाबों के निर्माण पर भी जोर दिया गया है। जिसके कारण पंचायत स्तर पर हजारों तालाब निर्मित और निर्माणाधीन है।

समितियां बनाकर लिया जा सकता है तालाब

बन रही योजना के अनुसार मत्स्य पालन के लिए समितियां बनाकर तालाब लिया जा सकता है। कई जिलों में मछली पालन के प्रति पुरुषों के साथ महिला समितियां भी आगे आ रही है। जिसके कारण अब मत्स्य पालन रोजगार बन गया है और इसमें काम करने वाले समिति के सदस्यों के साथ अन्य सहयोगी लोगों को भी रोजगार उपलब्ध हो रहे हैं। इससे जहां पालकों की आय में वृृद्धि हो रही है वहीं रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। प्रदेशभर में मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों को मत्स्य पालन के लिए तालाबों को चिन्हित करने के भी निर्देश दिए थे। इसके अलावा मत्स्य पालकों एवं मत्स्य पालन समितियों के सदस्यों से संपर्क स्थापित कर उन्हें मत्स्य पालन के लिए प्रोत्साहित करन के निर्देश दिए गए हैं। जिसे देखते हुए अब विभागों ने तालाबों की जांच परख आरम्भ कर दी है।