ड्रैगन फ्रूट की खेती कर कमा रहीं लाखों रुपए, अब दूसरों के लिए बन रहीं मिसाल

 ड्रैगन फ्रूट की खेती कर कमा रहीं लाखों रुपए, अब दूसरों के लिए बन रहीं मिसाल

घर की दहलीज लांघकर शुरू की ड्रैगन फ्रूट्स की खेती 

मिर्जापुर। आज के दौर में महिलाओं की सुदृढ़ और सम्मानजनक स्थिति एक उन्नत और मजबूत समाज का परिचायक होती है। यही वजह है कि आज शहरीकरण के दौर में महिलाएं जहां ऑटो से लेकर ट्रेन चला रही हैं। वहीं ग्रामीण अंचल की भी महिलाएं पुरुषों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चल रही हैं। यही नहीं अब तो महिलाएं खेती को आय का जरिया बनाकर लाखों रुपए कमा रही हैं। 

जिसका परिणाम यह है कि महिलाएं प्रधानमंत्री मोदी का सपना "सशक्त नारी सशक्त भारत" को साकार करते हुए राष्ट्र की प्रगति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ऐसा ही उदाहरण पेश कर रही हैं मिर्जापुर जनपद की वंदना सिंह, जो घर की दहलीज को लांघकर आज ड्रैगन फ्रूट्स की खेती के माध्यम से अच्छा मुनाफा कमा रही हैं। वंदना ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट का एक पौध 50 रुपये में बिकता है। तैयार होने के बाद ड्रैगन फ्रूट को सीधे खेत से ही वाराणसी ले जाया जाता है। जहां पर यह फल 400 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकता है।

Read Also: खेती में ड्रोन को बढ़ावा देने किसानों को दी जाएगी ट्रेनिंग, बढ़ेगी कृषि उत्पादकता

बचपन से था बागवानी का लगाव, यूट्यूब देख कर दिया कमाल 

मिर्जापुर के चुनार तहसील के रानीपुर गांव की रहने वाली वंदना सिंह बलुहा बजाहुर गांव में ड्रैगन फ्रूट्स और स्ट्राबेरी की खेती करती हैं। वंदना ने बताया कि उन्हें पहले से ही बागवानी से बहुत लगाव है। फ्रूट्स से संबंधित पौधों से भी काफी लगाव था। उन्होंने बताया कि उन्होंने उन लोगों को भी गलत साबित करना था जो कहते थे कि महिलाएं कुछ नहीं कर सकती हैं वो सिर्फ घर के काम में ही हाथ बटा सकती है।

वंदना ने बताया कि एक दिन वो यूट्यूब पर ड्रैगन फ्रूट्स के खेती के बारे में वीडियो देखीं, जिसकी तरफ उनका रुझान बढ़ा। इसी क्रम में अधिक जानकारी के लिए मिर्जापुर के जिला उद्यान अधिकारी मेवा राम से मुलाकात की, जिसके बाद उन्होंने तय किया कि उन्हें ड्रैगन फ्रूट्स की खेती करनी है।

Read Also: छोटे से गांव में रहकर 50 हजार रुपये महीना से ज्यादा की कमाई कर रहा ये शख्स  

10 लाख रुपए से ज्यादा का मुनाफा

वंदना ने बताया कि मार्च, 2018 में उन्होंने लगभग एक बीघा में ड्रैगन फ्रूट्स की खेती शुरू की, जिसमें 250 पिलर पर 1000 पौधे लगाए। जिसमें उस समय लगभग कुल 2,50,000 रुपए की लागत आई थी। उन्होंने बताया कि अब तक इस ड्रैगन फ्रूट्स की खेती से 10 लाख रुपए से ज्यादा का मुनाफा कमा चुकी हैं। हालांकि 2019 में जैसे ही फल तैयार हुआ ओला वृष्टि होने की वजह से खेती को काफी नुकसान भी हुआ था।

Read Also: मध्यप्रदेश के किसान अब हो रहे आत्मनिर्भर 
 
 

प्रधानमंत्री मोदी के विचारों से मिली प्रेरणा

कृषक वंदना सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की बात से उन्हें काफी प्रेरणा मिली। इस सोच का परिणाम आज दिख रहा है, और देश में तमाम महिलाएं घर से बाहर निकल कर कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि जिन महिलाओं को ड्रैगन फ्रूट्स की खेती किसानी की तरफ रुझान है, उनके लिए ड्रैगन फ्रूट्स की खेती काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।

 

Read Also: दुबई और बांग्लादेश तक पहुंच रही मप्र के गुलाब की महक


महिला सशक्तिकरण की मिशाल हैं वंदना सिंह : डीएम

जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने कहा कि ये मिर्जापुर जनपद के लिए बहुत खुशी की बात है कि वंदना सिंह ड्रैगन फ्रूट्स की खेती कर रही हैं। हमारे जनपद ने ड्रैगन फ्रूट्स की खेती के मामले में अग्रणी भूमिका निभाई है। जिलें में इसकी काफी खेती हो रही है। इसके साथ ही वंदना सिंह ने महिला सशक्तिकरण की मिशाल पेश की है। मैं जनपद के सभी किसान भाइयों-बहनों से कहूंगी कि जिनका खेती के तरफ रुझान है वो इनसे प्रेरणा ले सकते हैं और राष्ट्र के विकास और प्रगति में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं।

सोशल मीडिया पर देखें खेती-किसानी और अपने आसपास की खबरें, क्लिक करें...

- देश-दुनिया तथा खेत-खलिहान, गांव और किसान के ताजा समाचार पढने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म गूगल न्यूजगूगल न्यूज, फेसबुक, फेसबुक 1, फेसबुक 2,  टेलीग्राम,  टेलीग्राम 1, लिंकडिन, लिंकडिन 1, लिंकडिन 2, टवीटर, टवीटर 1, इंस्टाग्राम, इंस्टाग्राम 1कू ऐप से जुडें- और पाएं हर पल की अपडेट